नटवर जी की आरती

सरल अर्थ (Summary Meaning)

इस आरती में भगवान श्रीकृष्ण की बाल, योगी और ईश्वर – तीनों रूपों में स्तुति की गई है। वे यशोदा के लाला, गोपियों के प्रिय और असुरों का नाश करने वाले हैं। उन्होंने गोवर्धन पर्वत उठाकर भक्तों की रक्षा की और बंशी की मधुर ध्वनि से पूरे जगत को मोहित किया।

वे अजन्मा, अमर, करुणामय और समस्त विश्व के आधार हैं। पाण्डवों की रक्षा करने वाले, परीक्षित के रक्षक और ब्रह्म से भी परे परमेश्वर हैं। जो भक्त प्रेम से उनकी आरती करता है, उसे जीवन में शांति, भक्ति और आनंद की प्राप्ति होती है।

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