॥ श्री विष्णु मन्त्र ॥

1️⃣ विष्णु मूल मंत्र
ॐ नमोः नारायणाय॥
अर्थ / महत्व:
यह भगवान विष्णु का मूल मंत्र है, जो मन को शुद्ध करता है और भक्ति भाव को मजबूत करता है।
लाभ:
शांति, स्थिरता और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।
2️⃣ विष्णु भगवते वासुदेवाय मंत्र
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥
महत्व:
यह मंत्र भगवान विष्णु के वासुदेव स्वरूप को समर्पित है।
लाभ:
भय, तनाव और नकारात्मकता को दूर करता है।
3️⃣ विष्णु गायत्री मंत्र
ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
अर्थ:
हम भगवान विष्णु का ध्यान करते हैं, वे हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।
लाभ:
बुद्धि, विवेक और धर्मबोध को बढ़ाता है।
4️⃣ विष्णु शान्ताकारम् मंत्र
शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥
महत्व:
इस श्लोक में भगवान विष्णु के शांत, करुणामय और सर्वव्यापक स्वरूप का वर्णन है।
लाभ:
भय नाश, मानसिक शांति और भक्ति में वृद्धि करता है।
5️⃣ मङ्गलम् भगवान विष्णु मंत्र
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
उपयोग:
पूजा के अंत में या शुभ कार्यों के समय पढ़ा जाता है।
लाभ:
सकारात्मक ऊर्जा और मंगल कामनाओं की प्राप्ति।
