॥ गणेश एक विंशति नामावली ॥

गणेश एक विंशति नामावली: श्री गणेश के 21 पवित्र नामों का जप अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना गया है। इन नामों का स्मरण करने से विघ्न दूर होते हैं, बुद्धि और सफलता प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है। विशेष रूप से गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी और किसी भी शुभ कार्य से पहले इन नामों का पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है।
१. ॐ सुमुखाय नमः॥
२. ॐ गणाधीशाय नमः॥
३. ॐ उमापुत्राय नमः॥
४. ॐ गजमुखाय नमः॥
५. ॐ लम्बोदराय नमः॥
६. ॐ हरसूनवे नमः॥
७. ॐ शूर्पकर्णाय नमः॥
८. ॐ वक्रतुण्डाय नमः॥
९. ॐ गुहाग्रजाय नमः॥
१०. ॐ एकदन्ताय नमः॥
११. ॐ हेरम्बाय नमः॥
१२. ॐ चतुर्होत्रे नमः॥
१३. ॐ सर्वेश्वराय नमः॥
१४. ॐ विकटाय नमः॥
१५. ॐ हेमतुण्डाय नमः॥
१६. ॐ विनायकाय नमः॥
१७. ॐ कपिलाय नमः॥
१८. ॐ वटवे नमः॥
१९. ॐ भालचन्द्राय नमः॥
२०. ॐ सुराग्रजाय नमः॥
२१. ॐ सिद्धिविनायकाय नमः॥
गणेश एक विंशति नामावली का माहात्म्य:
गणेश जी को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता कहा जाता है। उनके 21 नाम जीवन के विभिन्न आयामों का प्रतिनिधित्व करते हैं — जैसे बुद्धि, शक्ति, संरक्षण, सिद्धि और समृद्धि। शास्त्रों के अनुसार इन 21 नामों का जप करने से व्यक्ति के जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। यह नामावली गणेश पूजन में विशेष रूप से अर्पित की जाती है।
सरल हिंदी अर्थ :
सुमुखाय – सुंदर मुख वाले
गणाधीशाय – गणों के स्वामी
उमापुत्राय – माता पार्वती के पुत्र
गजमुखाय – हाथी के समान मुख वाले
लम्बोदराय – बड़े उदर वाले
हरसूनवे – भगवान शिव के पुत्र
शूर्पकर्णाय – बड़े कान वाले
वक्रतुण्डाय – टेढ़ी सूँड़ वाले
गुहाग्रजाय – कार्तिकेय के बड़े भाई
एकदन्ताय – एक दाँत वाले
हेरम्बाय – भक्तों की रक्षा करने वाले
चतुर्होत्रे – चारों वेदों के ज्ञाता
सर्वेश्वराय – सबके ईश्वर
विकटाय – विशाल स्वरूप वाले
हेमतुण्डाय – स्वर्ण समान तेजस्वी
विनायकाय – विघ्नों का नाश करने वाले
कपिलाय – तपस्वी स्वरूप वाले
वटवे – ब्रह्मचारी रूप वाले
भालचन्द्राय – मस्तक पर चंद्र धारण करने वाले
सुराग्रजाय – देवताओं में अग्रणी
सिद्धिविनायकाय – सिद्धि प्रदान करने वाले
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