• नामरामायणम् में भगवान श्रीराम के जीवन की प्रमुख घटनाओं को उनके नामों के माध्यम से बताया गया है।
  • इन नामों में श्रीराम का जन्म, ऋषियों की रक्षा, सीता स्वयंवर, वनवास, रावण वध, अयोध्या वापसी और धर्म की स्थापना जैसे दिव्य कार्यों का वर्णन मिलता है।
  • इस स्तोत्र के अंत में “राम राम जय राजा राम, राम राम जय सीता राम” का कीर्तन भगवान राम और माता सीता की विजय और कृपा का स्मरण कराता है।
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