सरल अर्थ:

  • इस आरती में माता संतोषी के दिव्य स्वरूप, आभूषण और करुणा का वर्णन किया गया है। भक्त माता से प्रार्थना करते हैं कि वे उनके जीवन के दुख, संकट और दरिद्रता को दूर करें तथा सुख-समृद्धि प्रदान करें।
  • आरती के माध्यम से यह भाव व्यक्त किया गया है कि जो भक्त श्रद्धा और भक्ति से माता संतोषी की पूजा करते हैं, उन्हें रिद्धि-सिद्धि, धन-धान्य और जीवन में संतोष की प्राप्ति होती है।
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