सरल अर्थ: इस आरती में माता पार्वती की स्तुति की गई है और उनके दिव्य स्वरूप का वर्णन किया गया है।

  • माता पार्वती को ब्रह्म स्वरूप और शुभ फल देने वाली देवी कहा गया है।
  • वे भक्तों की रक्षा करने वाली और दुष्टों का नाश करने वाली हैं।
  • उनका वाहन सिंह है और वे जगत की जननी हैं।
  • सतयुग में वे सती के रूप में प्रकट हुईं और हिमालय के घर में जन्म लिया।
  • उन्होंने असुरों का संहार किया और संसार की रक्षा की।
  • जो भक्त श्रद्धा से उनकी आरती गाता है, उसे सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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