सरल अर्थ: इस आरती में माँ शैलपुत्री की महिमा का वर्णन किया गया है।

  • माँ शैलपुत्री बैल (नंदी) पर सवार होकर भक्तों की रक्षा करती हैं।
  • वे भगवान शिव की प्रिय पत्नी और पार्वती का स्वरूप हैं।
  • जो भक्त श्रद्धा से उनका स्मरण करता है, उसे सुख और समृद्धि प्राप्त होती है।
  • माँ अपने भक्तों को रिद्धि-सिद्धि और धन-सम्पत्ति प्रदान करती हैं।
  • जो भक्त श्रद्धा से दीप जलाकर और भोग लगाकर आरती करता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और दुःख दूर हो जाते हैं।
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