सरल अर्थ: इस स्तोत्र में भगवान राम के विभिन्न गुणों का वर्णन किया गया है:

  • वे देवताओं के वंदनीय और सूर्यवंश के गौरव हैं।
  • उनके मस्तक पर चंदन की शोभा है और वे धर्म के पालनकर्ता हैं।
  • उन्होंने ऋषियों के यज्ञों की रक्षा की और संकटों को दूर किया।
  • वे पिता की आज्ञा का पालन करते हुए वन में गए और सदैव धर्म का पालन किया।
  • उन्होंने जटायु को मोक्ष दिया और वानरों का नेतृत्व किया।
  • समुद्र पर सेतु बनाकर रावण का अंत किया और धर्म की स्थापना की।
  • वे प्रजा के रक्षक और अज्ञान के अंधकार को दूर करने वाले हैं।
  • उनका स्मरण सूर्य के समान संसार के अंधकार को दूर करता है।

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