सरल अर्थ:

  • इस आरती में बताया गया है कि श्रीरामायण की महिमा इतनी महान है कि ब्रह्मा, नारद, वाल्मीकि, शेषनाग और सरस्वती भी इसकी स्तुति करते हैं।
  • वेद, पुराण और शास्त्र भी रामायण के ज्ञान को सर्वोत्तम मानते हैं। भगवान शिव और माता पार्वती भी इसकी महिमा का गुणगान करते हैं।
  • रामायण का पाठ करने से कलियुग के पाप नष्ट होते हैं, मन के विकार दूर होते हैं और भक्त को ज्ञान, भक्ति और मोक्ष का मार्ग मिलता है।

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