सरल अर्थ: इस आरती में अहोई माता की स्तुति की गई है और उन्हें सृष्टि की पालनकर्ता माँ के रूप में संबोधित किया गया है।

  • अहोई माता को ब्रह्माणी, रुद्राणी और लक्ष्मी स्वरूप कहा गया है।
  • देवी से संतान की रक्षा, सुख-समृद्धि और घर में मंगल की कामना की जाती है।
  • जो भक्त श्रद्धा से आरती गाता है, उसके पाप नष्ट होते हैं और जीवन में आनंद आता है।
Scroll to Top