अगस्त 2026 Vrat Tyohar Calendar– तिथि, दिन, व्रत और त्योहार
अगस्त 2026 का महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पूरे महीने में सावन के पवित्र सोमवार, नाग पंचमी, हरियाली तीज, रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा जैसे कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। यह समय भगवान शिव, विष्णु और गणेश की भक्ति के साथ-साथ परिवार, परंपरा और संस्कृति से जुड़ने का भी अवसर देता है।
यदि आप अगस्त 2026 के सभी व्रत और त्योहारों की सही जानकारी एक ही स्थान पर जानना चाहते हैं, तो यहां आपको हर महत्वपूर्ण पर्व का सरल और स्पष्ट विवरण मिलेगा।
अगस्त 2026 Vrat Tyohar List (तिथि, दिन और पर्व)
| तिथि | दिन | व्रत और त्योहार |
|---|---|---|
| 1 अगस्त 2026 | शनिवार | जयापार्वती व्रत समाप्त |
| 2 अगस्त 2026 | रविवार | फ्रेंडशिप डे, गजानन संकष्टी चतुर्थी |
| 3 अगस्त 2026 | सोमवार | पहला श्रावण सोमवार व्रत, आडी पेरुक्कु |
| 4 अगस्त 2026 | मंगलवार | पहला मंगला गौरी व्रत |
| 5 अगस्त 2026 | बुधवार | कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी |
| 7 अगस्त 2026 | शुक्रवार | मासिक कार्तिगई |
| 8 अगस्त 2026 | शनिवार | रोहिणी व्रत |
| 9 अगस्त 2026 | रविवार | कामिका एकादशी, कृष्ण वासुदेव द्वादशी |
| 10 अगस्त 2026 | सोमवार | दूसरा श्रावण सोमवार व्रत, सोम प्रदोष व्रत |
| 11 अगस्त 2026 | मंगलवार | सावन शिवरात्रि, दूसरा मंगला गौरी व्रत |
| 12 अगस्त 2026 | बुधवार | हरियाली अमावस्या, श्रावण अमावस्या |
| 14 अगस्त 2026 | शुक्रवार | चंद्र दर्शन, आंडाल जयंती |
| 15 अगस्त 2026 | शनिवार | हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस |
| 16 अगस्त 2026 | रविवार | दुर्वा गणपति चतुर्थी |
| 17 अगस्त 2026 | सोमवार | नाग पंचमी, तीसरा श्रावण सोमवार व्रत, सिंह संक्रांति |
| 18 अगस्त 2026 | मंगलवार | कल्कि जयंती, तीसरा मंगला गौरी व्रत |
| 19 अगस्त 2026 | बुधवार | तुलसीदास जयंती |
| 20 अगस्त 2026 | गुरुवार | मासिक दुर्गाष्टमी |
| 23 अगस्त 2026 | रविवार | श्रावण पुत्रदा एकादशी |
| 24 अगस्त 2026 | सोमवार | चौथा श्रावण सोमवार व्रत, दामोदर द्वादशी |
| 25 अगस्त 2026 | मंगलवार | चौथा मंगला गौरी व्रत, भौम प्रदोष व्रत |
| 26 अगस्त 2026 | बुधवार | ओणम, ऋग्वेद उपाकर्म |
| 27 अगस्त 2026 | गुरुवार | हयग्रीव जयंती, श्रावण पूर्णिमा व्रत |
| 28 अगस्त 2026 | शुक्रवार | रक्षाबंधन, गायत्री जयंती, संस्कृत दिवस, नारली पूर्णिमा |
| 29 अगस्त 2026 | शनिवार | भाद्रपद मास प्रारंभ (उत्तर भारत) |
| 31 अगस्त 2026 | सोमवार | कजरी तीज, बहुला चतुर्थी, हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी |
अगस्त 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। इस दौरान सावन के पवित्र सोमवार, नाग पंचमी, हरियाली तीज, रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाएंगे। भगवान शिव, विष्णु और गणेश की उपासना के साथ यह महीना भक्ति, व्रत और पारंपरिक उत्सवों से भरा रहेगा।
अगस्त 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहार:
सावन सोमवार व्रत
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दौरान सोमवार के दिन व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और दूध अर्पित किया जाता है। यह व्रत मनोकामना पूर्ति और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है।
नाग पंचमी (17 अगस्त 2026)
नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से जीवन में भय और संकट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि आती है।
हरियाली तीज (15 अगस्त 2026)
हरियाली तीज सुहागिन महिलाओं का प्रमुख त्योहार है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं और अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं।
रक्षाबंधन (28 अगस्त 2026)
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा का वचन देता है।
श्रावण पूर्णिमा (27 अगस्त 2026)
श्रावण पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन नारियल अर्पण, गायत्री जयंती और उपाकर्म जैसे धार्मिक कार्य किए जाते हैं।
दुर्वा गणपति चतुर्थी (16 अगस्त 2026)
इस दिन भगवान गणेश को दूर्वा (घास) अर्पित कर पूजा की जाती है। मान्यता है कि इससे विघ्न दूर होते हैं और जीवन में सफलता मिलती है।
अगस्त 2026 के व्रत और त्योहार (विवरण सहित)
जया पार्वती व्रत
यह व्रत माता पार्वती को समर्पित होता है। इसके समापन पर महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली के लिए पूजा करती हैं।
फ्रेंडशिप डे
यह दिन मित्रता और आपसी विश्वास का प्रतीक है। लोग अपने दोस्तों के साथ संबंध मजबूत करने के लिए इसे मनाते हैं।
गजानन संकष्टी चतुर्थी
भगवान गणेश को समर्पित यह व्रत सभी प्रकार के संकटों को दूर करने वाला माना जाता है। चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।
पहला श्रावण सोमवार व्रत
यह व्रत भगवान शिव की पूजा के लिए रखा जाता है। इससे जीवन में सुख, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
आडी पेरुक्कु
यह दक्षिण भारत का प्रमुख पर्व है, जो नदियों और जल स्रोतों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है।
पहला मंगला गौरी व्रत
यह व्रत विवाहित महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख के लिए किया जाता है।
कालाष्टमी
यह दिन भगवान काल भैरव की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे भय और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
यह व्रत भगवान कृष्ण की भक्ति के लिए रखा जाता है और इससे आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।
मासिक कार्तिगई
यह व्रत भगवान कार्तिकेय को समर्पित है और श्रद्धा से मनाया जाता है।
रोहिणी व्रत
यह व्रत भगवान कृष्ण से जुड़ा है और इसे करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
कामिका एकादशी
यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। व्रत रखने से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कृष्ण वासुदेव द्वादशी
इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के वासुदेव स्वरूप की पूजा की जाती है।
दूसरा श्रावण सोमवार व्रत
इस दिन शिव पूजा और जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य फल मिलता है।
सोम प्रदोष व्रत
प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सफलता मिलती है।
सावन शिवरात्रि
यह दिन भगवान शिव की विशेष आराधना के लिए महत्वपूर्ण होता है। भक्त रात्रि में जागरण और अभिषेक करते हैं।
दूसरा मंगला गौरी व्रत
यह व्रत भी महिलाओं द्वारा परिवार की खुशहाली और वैवाहिक सुख के लिए किया जाता है।
हरियाली अमावस्या
यह पर्व प्रकृति और हरियाली का प्रतीक है और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।
श्रावण अमावस्या
इस दिन पितरों का तर्पण और पूजा की जाती है।
चंद्र दर्शन
अमावस्या के बाद चंद्रमा के दर्शन शुभ माने जाते हैं और नए कार्यों की शुरुआत की जाती है।
आंडाल जयंती
यह दिन संत आंडाल की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान विष्णु की महान भक्त थीं।
हरियाली तीज
यह सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व है, जिसमें वे शिव-पार्वती की पूजा कर पति की लंबी आयु की कामना करती हैं।
स्वतंत्रता दिवस
यह भारत का राष्ट्रीय पर्व है, जो देश की स्वतंत्रता और बलिदान की याद दिलाता है।
दुर्वा गणपति चतुर्थी
इस दिन भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित की जाती है, जिससे बाधाएं दूर होती हैं।
नाग पंचमी
इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। इससे भय और दोष दूर होते हैं।
सिंह संक्रांति
सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश का यह दिन शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
कल्कि जयंती
यह भगवान विष्णु के कल्कि अवतार की जयंती है, जो अधर्म के नाश का प्रतीक है।
तीसरा मंगला गौरी व्रत
यह व्रत भी महिलाओं द्वारा सुखी दांपत्य जीवन के लिए किया जाता है।
तुलसीदास जयंती
यह दिन संत तुलसीदास की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने रामचरितमानस की रचना की।
मासिक दुर्गाष्टमी
यह दिन माता दुर्गा की पूजा के लिए महत्वपूर्ण होता है और शक्ति प्रदान करता है।
श्रावण पुत्रदा एकादशी
यह व्रत संतान सुख और परिवार की उन्नति के लिए रखा जाता है।
चौथा श्रावण सोमवार व्रत
यह सावन का अंतिम सोमवार होता है, जिसमें विशेष शिव पूजा की जाती है।
दामोदर द्वादशी
इस दिन भगवान कृष्ण के दामोदर रूप की पूजा की जाती है।
चौथा मंगला गौरी व्रत
यह व्रत भी वैवाहिक सुख और सौभाग्य के लिए रखा जाता है।
भौम प्रदोष व्रत
मंगलवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत विशेष फलदायक माना जाता है।
ओणम
यह केरल का प्रमुख त्योहार है, जो फसल उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
ऋग्वेद उपाकर्म
यह दिन वेद अध्ययन और यज्ञोपवीत परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण होता है।
हयग्रीव जयंती
भगवान विष्णु के हयग्रीव अवतार की पूजा ज्ञान प्राप्ति के लिए की जाती है।
श्रावण पूर्णिमा व्रत
इस दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है।
रक्षाबंधन
यह भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है।
गायत्री जयंती
यह दिन गायत्री मंत्र और माता गायत्री की उपासना के लिए पवित्र माना जाता है।
संस्कृत दिवस
यह दिन संस्कृत भाषा के सम्मान और प्रचार के लिए मनाया जाता है।
नारली पूर्णिमा
यह त्योहार समुद्र देवता की पूजा के लिए मनाया जाता है।
भाद्रपद मास प्रारंभ
इस दिन से भाद्रपद माह की शुरुआत होती है।
कजरी तीज
यह व्रत महिलाओं द्वारा परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है।
बहुला चतुर्थी
इस दिन गाय और बछड़े की पूजा की जाती है।
हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी
भगवान गणेश के हेरम्ब स्वरूप की पूजा की जाती है, जिससे बाधाएं दूर होती हैं।
| श्री विष्णु चालीसा | श्री शिव चालीसा | श्री राम चालीसा | श्री गणेश चालीसा | श्री शनि चालीसा | आरती श्री रामचन्द्रजी | वैदिक मन्त्र संग्रह |
अगस्त 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहार – FAQs
अगस्त 2026 का यह पवित्र महीना भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ है। इस दौरान आने वाले व्रत और त्योहार न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने का मार्ग भी दिखाते हैं।
इन सभी पर्वों को श्रद्धा और सही विधि से मनाकर हम अपने जीवन को अधिक सकारात्मक और संतुलित बना सकते हैं। आशा है कि यह जानकारी आपको सभी व्रत और त्योहारों को सही तरीके से समझने और पालन करने में मदद करेगी।
लेखक: BhaktiHub Team
BhaktiHub Team सनातन धर्म और व्रत-त्योहारों से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए समर्पित है।
स्रोत:
• हिंदू पंचांग एवं वैदिक कैलेंडर
• विभिन्न पुराण एवं धार्मिक ग्रंथ
श्रेणी: Vrat & Festival Calendar
प्रकाशित तिथि: 20 March 2026
नोट: यह जानकारी पारंपरिक हिंदू पंचांग और मान्यताओं के आधार पर दी गई है।
