॥ एक श्लोकी रामायण ॥

एकश्लोकी रामायण में सम्पूर्ण रामायण का सार केवल एक श्लोक में समाहित है। इसमें भगवान श्रीराम के वनवास से लेकर रावण-वध तक की पूरी कथा संक्षेप में वर्णित है। जो भक्त पूरे रामायण पाठ का समय न निकाल सकें, वे इस एक श्लोक का श्रद्धा से पाठ कर सम्पूर्ण रामायण का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।
॥ एकश्लोकी रामायणम् ॥
आदौ रामतपोवनादिगमनं हत्वा मृगं काञ्चनं
वैदेहीहरणं जटायुमरणं सुग्रीवसम्भाषणम्।
वालीनिर्दलनं समुद्रतरणं लङ्कापुरीदाहनं
पश्चाद्रावणकुम्भकर्णहननमेतद्धि रामायणम्॥
॥ इति एकश्लोकि रामायणम् सम्पूर्णम् ॥
चालीसा का माहात्म्य:
- यह श्लोक पूरी रामकथा का सार है।
- दैनिक पाठ से मन शुद्ध होता है और धर्म, साहस व मर्यादा का स्मरण बना रहता है।
- संकटकाल में इसका जप मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास देता है।
- शास्त्रों में संक्षिप्त स्तोत्रों का नियमित जप भी पूर्ण ग्रंथ के समान पुण्यदायी माना गया है।
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सरल अर्थ:
- आदौ रामतपोवनादिगमनम् — प्रारंभ में श्रीराम का वनवास जाना।
- हत्वा मृगं काञ्चनम् — स्वर्ण मृग का वध।
- वैदेहीहरणम् — माता सीता का हरण।
- जटायुमरणम् — जटायु का बलिदान।
- सुग्रीवसम्भाषणम् — सुग्रीव से मित्रता।
- वालीनिर्दलनम् — बालि का वध।
- समुद्रतरणम् — समुद्र पार करना।
- लङ्कापुरीदाहनम् — लंका दहन।
- पश्चाद्रावणकुम्भकर्णहननम् — रावण और कुम्भकर्ण का वध।
- यही सम्पूर्ण रामायण है।
