॥ श्री गायत्री मंत्र ॥

१️. गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं।
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
मंत्र का अनुवाद:
हम उस दिव्य सूर्य-तत्त्व की आराधना करते हैं, जो सम्पूर्ण सृष्टि को प्रकाशित करता है। हम उसका आह्वान करते हैं कि वह हमारी बुद्धि को सही दिशा दे और हमें उच्च चेतना की ओर अग्रसर करे।
लाभ:
यह मंत्र बुद्धि, विवेक और आत्मिक शक्ति को जाग्रत करता है।
