गिरिधारी आरती

सरल अर्थ (Summary Meaning)

इस आरती में भगवान गिरिधारी की स्तुति करते हुए कहा गया है कि वे दानवों का नाश करने वाले, गौ-ब्राह्मणों के रक्षक और भक्तों के कल्याणकर्ता हैं। वे गोवर्धन पर्वत उठाने वाले, मुरलीधर, ब्रजवासियों के प्रिय और करुणा के सागर हैं।

भगवान ने अजामिल, गजेंद्र, प्रह्लाद, द्रौपदी, शबरी जैसे भक्तों की रक्षा की और असुरों का संहार किया। वे भक्तों के दुःख हरने वाले, मन को आनंद देने वाले और संसार का मंगल करने वाले हैं। जो भक्त सच्चे मन से उनकी शरण में आता है, उसके सभी पाप नष्ट होते हैं और जीवन पवित्र हो जाता है।

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