हनुमान
“ॐ हनुमते नमः” के पावन स्मरण के साथ यह संग्रह हर कठिनाई में शक्ति, हर संघर्ष में धैर्य और हर लक्ष्य में विजय का मार्ग प्रशस्त करता है।
भगवान हनुमान बल, बुद्धि और विद्या के दाता हैं। वे रामभक्ति की पराकाष्ठा हैं, धर्म के प्रहरी हैं और भक्तों के संकटमोचन हैं। हनुमान नाम मात्र शब्द नहीं – वह निर्भयता का अनुभव है। वे आरंभ में भी हैं, संघर्ष में भी… और विजय के क्षण में भी।
वे बाधाओं को हटाते है, भीतर छिपी शक्ति को भी जागृत करते हैं। हनुमान सरल हैं, निष्कपट हैं और शीघ्र प्रसन्न होने वाले हैं। उन्हें आडंबर नहीं चाहिए – केवल सच्चा हृदय, श्रद्धा से किया गया “राम” स्मरण और भक्ति से भरा मन पर्याप्त है।
भगवान हनुमान की आरती
हनुमान स्तोत्रम् (Stotram)
श्री हनुमान जी की दिव्य कृपा
संकटों का संहार – जीवन के भय, बाधाएँ और अचानक आने वाले संकट हनुमान जी की कृपा से दूर होते हैं। वे “संकटमोचन” हैं, जो हर कठिनाई में रक्षा करते हैं।
बल और साहस के दाता – पवनपुत्र हनुमान अदम्य शक्ति के प्रतीक हैं। उनकी भक्ति से आत्मबल, निर्भयता और दृढ़ निश्चय का संचार होता है।
बुद्धि और विवेक की वृद्धि – वे “बुद्धिमतां वरिष्ठम्” हैं, जो सही निर्णय लेने की क्षमता और मानसिक स्पष्टता प्रदान करते हैं।
नकारात्मक शक्तियों से रक्षा – भूत-प्रेत बाधा, डर और नकारात्मक ऊर्जा हनुमान नाम के प्रभाव से नष्ट होती है।
कार्य सिद्धि और सफलता – सच्चे मन से किया गया हनुमान स्मरण अधूरे कार्यों को पूर्ण करता है और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।
परिवार की सुरक्षा और शांति – जहाँ हनुमान जी की कृपा होती है, वहाँ साहस, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
भक्ति और समर्पण की प्रेरणा – हनुमान जी रामभक्ति की सर्वोच्च मिसाल हैं, जो हमें सेवा, विनम्रता और समर्पण का मार्ग दिखाते हैं।
ॐ हनुमते नमः” या “राम” नाम का जप करने से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को अदृश्य संरक्षण प्रदान करते हैं।

