स्तोत्रम्

स्तोत्र केवल शब्द नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा और आत्मिक शांति का माध्यम हैं।

शास्त्रों के अनुसार स्तोत्रों का नियमित पाठ करने से पापों का क्षय, मनोबल की वृद्धि तथा ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। इस पेज पर उपलब्ध स्तोत्र पूजा, जप, अभिषेक, व्रत एवं शुभ अवसरों पर विशेष रूप से लाभकारी माने जाते हैं। यह स्तोत्र संग्रह वैदिक, पुराणिक एवं परंपरागत स्तुतियों का पवित्र संकलन है। प्रत्येक स्तोत्र में ईश्वर के दिव्य स्वरूप, गुण और महिमा का वर्णन किया गया है।

स्तोत्रम्

स्तोत्रम संग्रह उन दिव्य स्तोत्रों का पावन संकलन है जो भक्तों को ईश्वर से जोड़ते हैं और जीवन में शांति, शक्ति तथा आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करते हैं। यहाँ विभिन्न देवी-देवताओं के स्तोत्र – जैसे शिव, विष्णु, गणेश, हनुमान, दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती आदि – सरल और शुद्ध रूप में एक स्थान पर उपलब्ध हैं।

दुर्गा दुर्गार्ति शमनी दुर्गापद्विनिवारिणी ।

दुर्गा दुर्गार्ति शमनी दुर्गापद्विनिवारिणी ।

सर्वाख्यानं श्रुतंब्रह्मन्नतीव परमाद्भुतम्

देवी देवमुपागम्य नीलकण्ठं मम प्रियम्

हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्र​जाम्

ॐ अस्य श्रीसिद्धिलक्ष्मीस्तोत्रस्य हिरण्यगर्भ ऋषिः

नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।

देवी देवमुपागम्य नीलकण्ठं मम प्रियम्

सुमनस वन्दित सुन्दरि माधवि,

अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती

श्री सरस्वती स्तोत्रम्

कृपां कुरु जगन्मातर्मामेवंहततेजसम्।

सरस्वतीमहं वन्दे वीणापुस्तकधारिणीम्।

श्री गणपति स्तोत्रम्

जेतुं यस्त्रिपुरं हरेणहरिणा व्याजाद्बलिं बध्नता

कैलाशपर्वते रम्ये शम्भुं चन्द्रार्धशेखरम्

ॐ अस्य श्रीऋणविमोचनमहागणपति-स्तोत्रमन्त्रस्य

प्रणम्य शिरसा देवंगौरीपुत्रं विनायकम्

विनायको विघ्नराजो गौरीपुत्रो गणेश्वरः

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय

महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी.

रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः स्नानं

सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं

रत्नसानुशरासनं रजताद्रिश‍ृङ्गनिकेतनं

सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं

शिवो महेश्वरः शम्भुःपिनाकी शशिशेखरः।

ॐ नमो भवाय शर्वाय रुद्राय वरदाय च।

शिवो महेश्वरः शम्भुःपिनाकी शशिशेखरः।

अस्य श्रीशिवरक्षास्तोत्र
मन्त्रस्य याज्ञवल्क्य

गणेश भजन

माता के भजन

शिव भजन

कृष्ण भजन

राम भजन

हनुमान भजन

लक्ष्मी भजन

काली कवचम्

सरस्वती

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