
आरती
Aarti for You & Your Family
“आरती संग्रह में सभी देवी-देवताओं की पवित्र आरतियाँ, उनके सम्पूर्ण बोल और लाभ एक स्थान पर उपलब्ध हैं। श्रद्धा से की गई आरती जीवन में शांति, समृद्धि और ईश्वर कृपा लाती है।”
आरती
माता जी की आरती
जय अम्बे गौरी
Jai Ambe Gauri
अम्बे तू है जगदम्बे काली
Ambe Tu Hai Jagdambe
ॐ जय लक्ष्मी माता
Om Jai Lakshmi
जय पार्वती माता जय
Jai Parvati Mata
मैया जय वैष्णवी माता
Om Jai Ekadashi
ॐ जय एकादशी
Om Jai Ekadashi
जय सन्तोषी माता
Jai Santoshi Mata
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी
Shri Mateshwari Jai
जय शीतला माता
Jai Sheetla Mata
ॐ जय गंगे माता
Om Jai Gange Mata
जय सरस्वती माता,
Jai Saraswati Mata
जय अहोई माता
Jai Ahoi Mata
जय जय तुलसी माता
Jai Jai Tulsi Mata
आरती श्री वृषभानुसुता की
Aarti Shri Vrishbhanu
जयति जय गायत्री माता
Jayati Jai Gayatri
आरती श्री गायत्रीजी
Aarti Shri Gayatri
मैया जय विन्ध्येश्वरी माता
Maiya Jai Vindhyeshwari
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
Mangal Ki Seva Sun
नवदुर्गा आरती
—
देवताओं की आरती
देवताओं की आरती संग्रह
विभिन्न देवताओं की चालीसा उनके गुणों और महिमा का स्मरण कराती हैं।अलग-अलग देवताओं की चालीसा से जीवन की विभिन्न समस्याओं का समाधान श्री गणेश जी की आरतीमिलता है, इनका पाठ मन को शांति देता है, बाधाएँ दूर करता है और भक्त को ईश्वर की कृपा व सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
गणेश आरती
—
हनुमान आरती
—
शिव आरती
—
राम आरती
—
कृष्ण आरती
—
देव आरती
—
आरती के लाभ
भक्ति और एकाग्रता से
मन की शांति – नियमित पाठ से तनाव कम होता है और मन शांत रहता है।
सकारात्मक ऊर्जा – नकारात्मक विचार दूर होकर सकारात्मकता बढ़ती है।
ईश्वर की कृपा – श्रद्धा से किया गया पाठ भगवान की विशेष कृपा दिलाता है।
संकटों से रक्षा – भय, रोग और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
भक्ति और एकाग्रता – ध्यान शक्ति बढ़ती है और भक्ति भाव गहरा होता है।
घर में मंगल – परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
श्रद्धा और मनोकामना के अनुसार
नियमित पाठ ईश्वर की कृपा
अपनी श्रद्धा और मनोकामना के अनुसार आप किसी एक या दो देवताओं की आरती चुन सकते हैं।
आपके लिए अन्य भक्ति पाठ
मां दुर्गा
मां दुर्गा कौन हैं और क्या रहस्य है?
मां दुर्गा के वैदिक मन्त्र
दुर्गा वैदिक मन्त्र
Durga ke Vaidik Mantra
महिषासुर मर्दिनि स्तोत्रम्
Ayi Girinandini
दुर्गा द्वात्रिंश नामावली स्तोत्रम्
मां लक्ष्मी कैसे धन – समृद्धि प्रदान करती हैं?
मां लक्ष्मी के वैदिक मन्त्र
लक्ष्मी चालीसा
Matu Lakshmi kari kripa
कनकधारा स्तोत्रम्
Angam Hareh Pulak Bhushanam
अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम्
Sumanasa Vandita Sundari
श्री सिद्धिलक्ष्मी स्तोत्रम्
Om Asya Shri Siddhi Lakshmi
धनदालक्ष्मी स्तोत्रम्
Devi Devam Upagamya
गणेश
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता क्यों कहा जाता है?
गणपति के मंत्र
श्री गणेश चालीसा
Jai Ganpati
श्री गणपति स्तोत्रम्
Jetum Yas Tripuram
ऋणहर्ता श्री गणेश स्तोत्रम्
Kailash Parvate Ramye
ऋणमुक्ति श्री गणेश स्तोत्रम्
Om Asya Shri Rin
श्री सङ्कटनाशन गणेश स्तोत्रम्
Pranamya Shirasaa
श्री गणपत्यथर्वशीर्षम् स्तोत्रम्
Om Bhadram
अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम्
Vinayako Vighnarajo
गणेश द्वादश नामावली
Ganesh Dwadash Naamavali
गणेश एक विंशति नामावली
Ganesh Ekvinshati Naam
गणेश द्वात्रिंश नामावली
Ganesh Dvatrinsh Naam
हनुमान अजर-अमर क्यों माना जाता है?
श्री हनुमान ताण्डव स्तोत्रम्
Vande Sindoor
संकट मोचन हनुमानाष्टक
Baal Samay Ravi
शिव
शिव वास्तव में कौन हैं और उनका क्या महत्व है?
शिव के वैदिक मन्त्र
शिव स्तुति
Ashutosh Shashank Shekhar
शिव चालीसा
Jai Girija Pati
शिव महिम्न स्तोत्रम्
Mahimnah Param Te
शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम्
Nagendra Haraya
श्री शिव मृत्युञ्जय स्तोत्रम्
Ratnasanu Sharasanam Rajatadri
शिव अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम्
Shivo Maheshwarah Shambhuh
शिव ताण्डव स्तोत्रम्
Jatatavi Galajjala Pravaha
द्वादशज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम्
Saurashtra Deshe Vishade
रुद्राभिषेक स्तोत्रम्
Om Namo Bhavaya Sharvaya
सहस्रनाम स्तोत्रम्
Om Hiranyabahuh
भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार कैसे हैं?
श्री विष्णु के वैदिक मन्त्र
श्री विष्णु चालीसा
Vishnu Suniye Vinay
श्री हरि स्तोत्रम्
Jagajjaalapalam
परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम्
Tvamekah Shuddhosi
