सरल अर्थ: इस आरती में देवी कालरात्रि की महिमा का वर्णन किया गया है।

  • माँ कालरात्रि को महाकाली स्वरूप में बताया गया है, जो काल के मुख से भी रक्षा करने वाली हैं।
  • वे दुष्टों का संहार करने वाली महाशक्ति हैं।
  • उनके हाथों में खड्ग और खप्पर है, जिससे वे अधर्म और अन्याय का नाश करती हैं।
  • उनकी महिमा पृथ्वी और आकाश में फैली हुई है।
  • सभी देवता और मनुष्य उनकी स्तुति करते हैं।
  • जो भक्त सच्चे मन से माँ कालरात्रि की आराधना करता है, उसके जीवन से दुःख, रोग और संकट दूर हो जाते हैं।

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