आरती श्रीकृष्ण कन्हैया

इस आरती में भगवान कृष्ण को मथुरा की जेल में जन्म लेने वाला और गोकुल में यशोदा मैया की गोद में खेलने वाला बताया गया है। वे मोर मुकुट और पीत वस्त्र धारण करने वाले, बंसी बजाने वाले और अपार सौंदर्य से युक्त हैं।

वे रास रचाने वाले, कालिय नाग और कंस का संहार करने वाले, सभी प्राणियों के हृदय में वास करने वाले प्रभु हैं। कभी युद्ध करते हैं, कभी गाय चराते हैं और कभी वेदों द्वारा जिनकी महिमा गाई जाती है। वे सगुण-निर्गुण दोनों रूपों में लीला करने वाले, गीता का ज्ञान देने वाले और ब्राह्मण, गाय तथा देवताओं की रक्षा करने वाले हैं।

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