गोपाल आरती

सरल अर्थ (Summary Meaning): इस आरती में भक्त भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की सुंदर जोड़ी की आरती करता है और अपना सर्वस्व उन्हें अर्पित करता है। उनके मुख की शोभा सूर्य-चंद्र से भी अधिक तेजस्वी बताई गई है। मोर मुकुट, मुरली, नटवर वेश और फूलों से सजे सिंहासन पर बैठे नन्दलाल का मनमोहक रूप वर्णित है। अंत में भक्त प्रार्थना करता है कि जुगल किशोर की कृपा सदा बनी रहे और जीवन आनंदमय हो।

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