सरल अर्थ (Summary Meaning)

इस आरती में हनुमान जी की जय-जयकार की गई है। उन्हें संसार के दुखों को हरने वाला, वानर रूपधारी, दैत्य-राक्षसों का संहार करने वाला और भगवान राम के क्रोध की अग्नि के समान पराक्रमी कहा गया है।

वे अंजना माता के पुत्र और पवनदेव के वरदान से उत्पन्न हैं। वे सुग्रीव के दुख दूर करने वाले, देवताओं और सज्जनों को आनंद देने वाले हैं। वे युद्ध में विजयी, श्रीराम के संदेशवाहक और भरत सहित सभी को शीतलता प्रदान करने वाले हैं। अंत में उन्हें सीता-राम के सान्निध्य में आनंद से नृत्य करने वाला और तुलसीदास के रामचरितमानस में विहार करने वाला बताया गया है।

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