शिव आरती – ॐ जय शिव

सरल अर्थ (Summary Meaning)

इस आरती में भगवान शिव के पंचमुखी रूप, उनके त्रिशूल, डमरू, भस्म, गंगा, चन्द्रमा तथा पार्वती के साथ उनके दिव्य स्वरूप का गुणगान किया गया है। प्रतिदिन प्रातः या संध्या के समय इस आरती के पाठ से मन को शांति मिलती है, नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं और भक्त को आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है। विशेष रूप से सोमवार, महाशिवरात्रि और श्रावण मास में इस आरती का पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है।

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