सरल अर्थ:

  • “पुरुषोत्तम” का अर्थ है वह परम पुरुष जो समस्त सृष्टि के स्वामी हैं।
  • आरती में भगवान की महिमा, उनकी कृपा और उनके द्वारा भक्तों के दुख हरने का वर्णन किया जाता है।
  • यह आरती हमें सिखाती है कि जो भी भक्त श्रद्धा से प्रभु का स्मरण करता है, उसके जीवन से कष्ट दूर होते हैं और उसे दिव्य संरक्षण प्राप्त होता है।
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