सरल अर्थ: इस आरती में भक्त भगवान श्रीराम और माता सीता के सुंदर और दिव्य स्वरूप का वर्णन करते हैं।

  • सखियाँ सुंदर श्रृंगार करके वीणा और सितार के साथ प्रभु की आरती गा रही हैं।
  • भगवान श्रीराम और माता सीता दिव्य वस्त्र और आभूषणों से सुशोभित होकर विराजमान हैं।
  • उनके कमल जैसे नेत्र और मधुर मुस्कान भक्तों के मन को मोह लेते हैं।
  • भक्त स्वर्ण थाल में दीप और कपूर जलाकर आरती उतारते हैं और पुष्प अर्पित करते हैं।
  • इस प्रकार यह आरती भगवान के प्रति प्रेम, भक्ति और समर्पण को प्रकट करती है।

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