सरल अर्थ: इस आरती में भक्त माता वैष्णो देवी की स्तुति करते हुए कहते हैं कि —

  • माँ के सिर पर छत्र विराजमान है और उनका दिव्य रूप अत्यंत सुंदर है। उनके चरणों में गंगा की धारा बहती है और उनके द्वार पर देवता भी उनकी पूजा करते हैं।
  • भक्त माता के पवित्र गुफा मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं और भेंट स्वरूप नारियल, ध्वजा, पुष्प और मेवा अर्पित करते हैं। जो भक्त सच्चे मन से माता के द्वार पर आते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएँ माता पूरी करती हैं।
  • अंत में कहा गया है कि जो व्यक्ति प्रतिदिन श्रद्धा से यह आरती गाता है, उसे सुख, समृद्धि और माता की कृपा प्राप्त होती है।
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