सरल अर्थ: इस स्तोत्र में बताया गया है कि जीवन के अलग-अलग समय में भगवान विष्णु के अलग-अलग नामों का स्मरण करना चाहिए।

  • औषधि लेते समय विष्णु का स्मरण करें।
  • भोजन करते समय जनार्दन को याद करें।
  • सोते समय पद्मनाभ का स्मरण करें।
  • विवाह के समय प्रजापति का स्मरण करें।
  • युद्ध या कठिन परिस्थिति में चक्रधर का स्मरण करें।
  • यात्रा में त्रिविक्रम को याद करें।
  • मृत्यु के समय नारायण का स्मरण करें।
  • प्रिय संग में श्रीधर का स्मरण करें।
  • बुरे स्वप्न आने पर गोविन्द का नाम लें।
  • संकट में मधुसूदन को पुकारें।
  • जंगल में नरसिंह का स्मरण करें।
  • अग्नि में जलशायी (विष्णु) का स्मरण करें।
  • जल में वराह का स्मरण करें।
  • पर्वत पर रघुनन्दन (राम) का स्मरण करें।
  • यात्रा करते समय वामन को याद करें।
  • सभी कार्यों में माधव का स्मरण करें।

जो व्यक्ति प्रतिदिन प्रातः उठकर इन 16 नामों का पाठ करता है, वह सभी पापों से मुक्त होकर विष्णुलोक में सम्मान प्राप्त करता है।

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